मैं उत्तरांचल ग्रामीण बैंक में एक स्वप्न के साथ आया। यह स्वप्न रहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का उत्तम बैंक, विगत वर्ष में यूजीबी द्वारा बैंक कार्य निष्पादन के सभी क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों को छुआ और उत्तराखण्ड के बेहतरीन सेवायें प्रदान करने वाले बैंकों में गिना जाये। ’हमारा सपना, उत्तम बैंक’ हमारा सूत्रवाक्य बना, और इस यात्रा में ग्राहकों के साथ मिलकर हमने ऊँचाइयों को छूने का सफल प्रयास किया।
बैंक ने पिछले वर्ष कई कीर्तिमान स्थापित किये जैसे ग्राहक सेवा तथा बैंक की सुविधा में वृद्धि हेतु तकनीकी पहल के रुप में सम्पूर्ण कम्प्यूटरीकृत व कोर बैंकिग सुविधा सहित शाखायें, रु0 1350 करोड़ से अधिक का व्यवसाय स्तर, 62 प्रतिशत ऋण जमानुपात, सकल लाभ रु0 12.72 करोड़ एवं शुद्ध लाभ रु0 8.70 करोड़, ऋण स्तर में 65 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि, बैंक द्वारा 2008-09 के दौरान 10601 नये किसानों को रुपये 3027 लाख का किसान क्रेडिट कार्ड ऋण उपलब्ध कराया गया। 903 स्वयं सहायता समूह गठित कर 631 समूहों को रुपये 567.16 लाख के ऋण देकर बैंक से संबद्ध किया। बैंक द्वारा अब तक कुल 164 गांवों का अंगीकरण किया गया एवं 60 कृषक क्लब वर्ष 200809 के दौरान गठित किये गये।
प्रमुख वाहन निर्माताओं यथा मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, फोर्स मोटर्स, हीरो होंडा के साथ वित्तपोषण हेतु गठबंधन, जीवन बीमा उत्पाद बेचने हेतु बीमा कंपनियों के साथ गठबंधन, म्यूचुअल फंड उत्पादों की बिक्री के लिए गठबंधन, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिग सुविधा पहुँचाने हेतु ’इंडिया पोस्ट’ के साथ गठबंधन।
'उत्तम बैंक, लुभावना बैंक' बैंक की शाखाओं का सौन्दर्यीकरण, सभी शाखाओं में एक सी होर्डिंग व बोर्डं लगवा कर अपनी उपस्थिति को दर्शाया। बचत खाता धारियों हेतु रू0 1 लाख का नि:शुल्क दुर्घटना बीमा कवर, मंदी के इस दौर में रोजगार के बेहतरीन अवसर, 34 अधिकारियों एवं 29 लिपिक सह-रोकडिया की नियुक्ति, 44 अधिकारियों का स्केल 1 से स्केल 2 में तथा 34 लिपिकसह-रोकडिया का स्केल 1 में प्रमोशन, नाबार्ड एवं बर्ड की सहायता से ओ0 डी0 आई0 कार्यक्रम का आयोजन।
महिलाओं के लिए समर्पित एक महिला शाखा की स्थापना, कला एवं साहित्य के विकास हेतु यू जी बी आर्ट गैलरी की स्थापना, आलोच्य वर्ष के दौरान 12 कला प्रदर्शनियाँ लगायी गयी, स्वरोजगार के प्रशिक्षण हेतु राज्य के पिछड़े क्षेत्र पिथौराग़ में रूडसेटी की स्थापना, यू जी बी परिवार को समर्पित पत्रिका ’गंगोत्री’ का प्रकाशन एवं भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन। आपके बैंक ने हमेशा मिसाल स्थापित करने में विश्वास किया है।
हमारे कुशल कार्य निष्पादन की पहचान राज्य में हर स्तर पर की गयी तथा आपके बैंक के अध्यक्ष के रूप में ’उत्तराखण्ड गौरव’ ’उत्तराखण्ड सम्मान’, एवं ’उत्तराखण्ड रत्न’ की गौरवमयी उपलब्धियाँ, जो आप सबको समर्पित है।
बैंक अपनी बेहतर छवि के लिए सजग रूप से प्रयासरत रहा है। अपनी उत्तम सेवाओं से आम लोगों के मन को छू लेने का हमारा संकल्प रहा है। हमारे अभियान को प्रिंट मीडिया एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया द्वारा प्रमुख स्थान दिया गया। जनसम्पर्क के लिए बैंक द्वारा नियमित प्रेस कांफ्रेंस करायी गयी। इन सबने व्यवसाय स्तर में वृद्धि कर दृ़ वित्तीय स्वास्थ्य के साथ बैंक को नवीन ऊँचाईयों की श्रेणी में पहुॅचाया है।
श्रेष्ठ तकनीकी कुशलता ने बैंकिग सेवा को दूरस्थ क्षेत्र से भी ग्राहकों की पहुँच के लिए उपलब्ध किया हैं, लेकिन आपकी नजदीकी शाखा का महत्व आज भी श्रेष्ठ हैं। अपनी पहुॅच को ब़ाने के लिए बैंक ने वर्ष 2008-09 में दो और शाखाओं की स्थापना के साथ 121 शाखाओं का प्रभावी तंत्र स्थापित किया है जो आज की तिथि में 125 हो चुकी हैं।
हमारे द्वारा वर्ष 2009-10 के लिए महत्वाकांक्षी कार्य योजना का विचार किया गया है, ताकि बैंक विकास के नित नये आयाम स्थापित कर सके। वर्ष 2009-10 के दौरान मोबाइल बैंकिग के माध्यम से लेन देन की सुविधा एवं एन आर ई/एफ सी एन आर खाते की सुविधा, आर0टी0जी0एस0, एन0ई0एफ0टी0 एवं ई0सी0एस0, ए0टी0एम0 के माध्यम से धन निकासी की सुविधा हेतु प्रयास।
मेरे लिए यह उपलब्धियाँ संतोषजनक हैं। बैंक ने कई स्तरों में विकास की गति और सक्रियता को बनाये रखा है। यूजीबी वित्तीय सुदृ़ता के साथ उत्तराखण्ड के विकास में एक सजीला तारा बन दमक रहा है जिसकी रोशनी में हर ओर उजियारा होगा और हर चेहरे पर मुस्कान सजेगी, ऐसा मेरा स्वप्न आज आप सबका लक्ष्य बन गया है।
मेरा दृ़ विश्वास है कि आज यूजीबी की उत्कृष्ट स्थिति आपके सतत विश्वास और सहयोग का परिणाम है। मै निदेशक मंडल और अपनी ओर से आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूॅ।
हमारा बैंक गतिशील तथा उर्जावान बना रहे, श्रेष्ठ मूल्यों के साथ
सामाजिक विकास हेतु प्रतिबद्ध रहे तथा सफलता की नित नवीन ऊँचाईयों को छुये।